बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र कैसे बनवाएँ ? (Birth Certificate)

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जन्म प्रमाण पत्र के बारे मे आवश्यक बातें (Complete Guide 2026)

अगर आपके घर में नए मेहमान का आगमन हुआ है, तो सबसे पहला और महत्वपूर्ण दस्तावेज है — Birth Certificate (जन्म प्रमाण पत्र)। यह बच्चे की पहचान, स्कूल एडमिशन, आधार कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं और भविष्य के सभी जरूरी कार्यों के लिए अनिवार्य होता है।

• जन्म का पंजीकरण कानूनी दायित्व है, समय पर पंजीकरण करवाकर भविष्य की परेशानियों से बचें।

• परिवार में किसी भी शिशु के जन्म होने पर इसकी सूचना घटना के 21 दिन में अपने क्षेत्र के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय (ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत एवं शहरी क्षेत्र में नगरपालिका/ नगर परिषद कार्यालय) को देवें। चिकित्सालय में जन्म होने पर संबंधित चिकित्सालय द्वारा भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।

• जन्म के पंजीकरण में विलंब होने पर 30 दिवस से 1 वर्ष तक उप निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी (शहरी क्षेत्र)/ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी (ग्रामीण क्षेत्र), 1 वर्ष से अधिक होने पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट (तहसीलदार) के आदेश से पंजीयन किया जाएगा।

• यदि नवजात का पक्का नाम माता/पिता द्वारा नहीं रखा गया हो तो ऐसी स्थिति में पंजीकरण के समय छोड़ा नाम जैसे मुन्ना, गुड़िया, पप्पू इत्यादि दर्ज किया जा सकता है, बाद में नियमानुसार संशोधन करवाया जा सकता है।

• जन्म का पंजीकरण संबंधित क्षेत्र के रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) द्वारा किया जाता है।

• बिना नाम के शिशु जन्म पंजीकरण के रजिस्ट्रार की तारीख से एक वर्ष तक नि:शुल्क तथा 15 वर्ष की अवधि के भीतर 5/- रुपये विलंब शुल्क देकर नाम दर्ज करवाकर प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है।

• एक बार जन्म का पंजीकरण होने पर पुनः पंजीकरण नहीं किया जा सकता है। जन्म के दस्तावेजों में अंतर होने की स्थिति में शपथ पत्र एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सुधार करवाया जा सकता है।

• दिनांक 01 जनवरी 2014 से सभी रजिस्ट्रार इकाइयों द्वारा जन्म पंजीकरण का कार्य पहचान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। अतः ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा पंजीकरण करवाकर डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र प्राप्त करें।

• जन्म पंजीकरण के समय मोबाइल नम्बर/ई-मेल आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज करवाएं ताकि पंजीकरण की सूचना मोबाइल/ई-मेल पर प्राप्त हो सके।

जन्म प्रमाण पत्र क्या होता है?

जन्म प्रमाण पत्र एक सरकारी दस्तावेज है जिसमें निम्न जानकारी होती है:

  • बच्चे का नाम

  • जन्म तिथि

  • जन्म स्थान

  • माता-पिता का नाम

  • पंजीकरण संख्या (Registration Number)

जन्म प्रमाण पत्र के लाभ
स्कूल में दाखिला, मतदाता सूची में नाम, बीमा पॉलिसी, राशन कार्ड में नाम, पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस, आधार/जन आधार कार्ड, विभिन्न योजनाओं/भत्ताओं में आयु प्रमाणिकरण, सरकारी योजनाओं का लाभ।


राजस्थान में जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया

1️⃣यदि बच्चा अस्पताल में पैदा हुआ है

आजकल अधिकतर अस्पताल सीधे ऑनलाइन जन्म पंजीकरण कर देते हैं।

प्रक्रिया:

  1. अस्पताल जन्म की सूचना ऑनलाइन दर्ज करता है।

  2. 7 से 21 दिनों के भीतर रिकॉर्ड नगर निकाय या ग्राम पंचायत में अपडेट हो जाता है।

  3. आप ऑनलाइन या eMitra से प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।


2️⃣ Online Birth Certificate कैसे बनाएं?

राजस्थान में आप eMitra Rajasthan के माध्यम से जन्म प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।

  • नजदीकी eMitra केंद्र पर जाएँ

  • “Birth Certificate Service” का चयन करें

  • बच्चे की जन्म तिथि और माता-पिता की जानकारी दें

  • आवश्यक दस्तावेज जमा करें

  • शुल्क जमा कर प्रमाण पत्र प्राप्त करें

कुछ मामलों में आप सीधे राज्य के CRS (Civil Registration System) पोर्टल से भी डाउनलोड कर सकते हैं।


3️⃣ Offline प्रक्रिया (यदि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है)

यदि जन्म का रिकॉर्ड सिस्टम में नहीं है, तो बच्चे के जन्म की सूचना बच्चे के जन्म के 21 दिन के अन्दर संबन्धित नगर पालिका / नगर परिषद / नगर निगम या ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित जन्म – मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय को देकर जन्म प्रमाण पत्र निशुल्क प्राप्त किया जा सकता है ! इसके लिए परिवार के मुखिया या उसके नजदीकी रिश्तेदार द्वारा प्रपत्र – 1 में जन्म की सूचना भरकर देनी होती है! जन्म का रजिस्ट्रीकरण बच्चे के नाम के बिना भी करवाया जा सकता है ।

संबन्धित नगर निगम / नगर परिषद /नगर पालिका या  ग्राम पंचायत कार्यालय जाएँ
  • जन्म पंजीकरण फॉर्म भरें

  • आवश्यक दस्तावेज जमा करें

  • सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र जारी होगा


आवश्यक दस्तावेज

  • अस्पताल की Birth Slip

  • माता-पिता का आधार कार्ड

  • परिवार का जन-आधार कार्ड

  • निवास प्रमाण पत्र

  • विवाह प्रमाण पत्र (कुछ मामलों में)

  • यदि जन्म के 30 दिवस से एक वर्ष मे आवेदन है तो जिला रजिस्ट्रार की अनुज्ञा हेतु शपथ पत्र
  • यदि जन्म के एक वर्ष के पश्चात आवेदन है तो प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट का अनुज्ञा हेतु शपथ पत्र

समय सीमा और नियम

आवेदन समयप्रक्रिया
21 दिन के अंदरसामान्य प्रक्रिया, बिना जुर्माना
21–30 दिनविलंब शुल्क
1 वर्ष तकSDM की अनुमति आवश्यक
1 वर्ष के बादन्यायालय / मजिस्ट्रेट आदेश आवश्यक

शुल्क कितना लगता है?

  • 21 दिन के भीतर – निःशुल्क

  • देरी होने पर – 5 रुपये विलंब शुल्क के साथ मे 


ऑनलाइन लिंक

ऑनलाइन पंजीकरण: पहचान पोर्टल https://pehchan.rajasthan.gov.in



ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में अंतर

  • शहरी क्षेत्र → नगर निगम / नगर परिषद/ नगर पालिका 

  • ग्रामीण क्षेत्र → ग्राम पंचायत


जन्म प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?

  • आधार कार्ड बनवाने के लिए

  • स्कूल एडमिशन

  • पासपोर्ट आवेदन

  • सरकारी योजनाओं का लाभ

  • बैंक खाता खोलने में1️⃣

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