न्यूज कोर्नर

किस महीने कौन सी सब्जी की खेती की जाती है?
कृषि विज्ञान केंद्र दिल्ली द्वारा तैयार की गई है, जिसमें प्रत्येक माह में उगाई जाने वाली सब्जियों की जानकारी दी गई है। इसमें अलग-अलग महीनों के अनुसार विभिन्न सब्जियों को बोने और उगाने के सुझाव दिए गए हैं
विस्तार से जानकारी:
1. जनवरी: बैंगन, मिर्च, गाजर, मूली, पालक, टमाटर, शलगम जैसी फसलें उगाने के लिए उपयुक्त समय है
2. फरवरी: मूली, गाजर, पालक, धनिया, टमाटर, बीन्स और लौकी जैसी सब्जियों के लिए अच्छा महीना है
3. मार्च: गर्मियों की सब्जियां जैसे लौकी, तोरई, तरबूज, ककड़ी और करेला उगाने के लिए सही समय है
4. अप्रैल: लौकी, ककड़ी, करेला, तोरई, तरबूज, टिंडा आदि की बुवाई उपयुक्त है।
5. मई: ग्रीष्मकालीन सब्जियों जैसे लौकी, ककड़ी, करेला, तोरई और टिंडा का उत्पादन हो सकता है
6. जून: भिंडी, लौकी, करेला, तोरई, तरबूज जैसी सब्जियों के लिए सही समय है
7. जुलाई: भिंडी, तोरई, लौकी, तरबूज, खीरा, करेला, पालक आदि की बुवाई के लिए उपयुक्त है
8. अगस्त: पालक, मूली, गाजर, मेथी, धनिया और चौलाई जैसी फसलें लगाई जा सकती हैं
9. सितंबर: आलू, टमाटर, गोभी, मटर, मूली, गाजर, धनिया जैसी फसलें इस माह लगाई जा सकती हैं
10. अक्टूबर: गोभी, मूली, गाजर, पालक, धनिया और ब्रोकली उगाने के लिए सही समय है
11. नवंबर: मटर, गोभी, गाजर, धनिया, ब्रोकली और पालक जैसी फसलें लगाई जा सकती हैं
12. दिसंबर: टमाटर, बैंगन, गोभी, गाजर, पालक, मटर जैसी फसलें इस महीने उगाई जा सकती हैं
लाभ:
इस चक्र से किसान यह जान सकते हैं कि किस महीने में कौन-सी फसल उपयुक्त है यह जानकारी मौसम के अनुसार खेती की योजना बनाने में मदद करती है
उपयुक्त समय पर फसल लगाने से उत्पादन बेहतर होता है
बैंक में Cash Deposit से पहले जान लें यह नियम, वरना टैक्स देते-देते थक जाएंगे!
Important Update:
इनकम टैक्स से जुड़ा एक ऐसा नियम है, जिसकी जानकारी के अभाव में आप बड़ी मुश्किल में फंस सकते हैं। इस नियम की अनदेखी पर आपको काफी ज्यादा टैक्स भी चुकाना पड़ सकता है।
Rule to Remember:
बैंक में पैसा जमा कराना, निकालना आम बात है। हर रोज बड़ी संख्या में लोग बैंक इसी काम से जाते हैं। हर बैंक के इस संबंध में अपने अलग नियम होते हैं। हालांकि, कुछ नियम ऐसे भी हैं जो सभी बैंकों पर लागू हैं और जाने-अनजाने में उनकी अनदेखी आपको भारी पड़ सकती है। आज हम आपको यहां ऐसे ही एक नियम के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके पालन से चूकने पर आपको भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ सकता है।
जानकारी देना ज़रूरी
यदि आप बैंक में एक निर्धारित राशि से अधिक कैश डिपॉजिट करते हैं, तो आपको उसके सोर्स की जानकारी देनी होगी। अन्यथा आपको 60 फीसदी तक इनकम टैक्स चुकाना पड़ सकता है। इसमें 25% सरचार्ज और 4% सेस भी शामिल है। आयकर विभाग के पास यह अधिकार है कि वह इनकम का सोर्स बताने में असफल लोगों के खिलाफ नोटिस जारी कर 60% टैक्स वसूल सकता है।
क्या कहता है नियम?
इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक, बचत खाता (Saving Account) धारक यदि एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपए से ज्यादा कैश डिपॉजिट करता है, तो उसे इस रकम का सोर्स उजागर करना होगा। यानी उसे बताना होगा कि ये पैसा उसके पास कहां से आया. वहीं, चालू खाता (Current Account) के मामले में यह लिमिट 50 लाख है। अगर आप इस सीमा से अधिक नकद जमा करते हैं और उसका कोई सोर्स नहीं बता पाते तो आपको 60 फीसदी तक इनकम टैक्स चुकाना पड़ेगा।
क्या है इसका मकसद?
चलिए अब यह भी समझ लेते हैं कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य क्या है। दरअसल, सरकार कम से कम कैश के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। कैश डिपॉजिट की सीमा निर्धारित करके सरकार मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और अवैध आर्थिक वित्तीय गतिविधियों को रोकना चाहती है। आयकर विभाग ऐसी बड़ी रकम को मनी लॉन्ड्रिंग या टैक्स चोरी के नजरिए से देखता है, जिसके सोर्स का कुछ पता नहीं है। इसलिए अगर आप बैंक में निर्धारित सीमा से अधिक पैसा जमा कर रहे हैं तो इस नियम को लेकर सावधान रहें।
कुछ ऐसी है व्यवस्था
बैंक में अगर आप 50,000 रुपए या उससे अधिक नकद जमा करते हैं, तो आपको अपना पैन नंबर देना होता है। कुल मिलाकर, आप एक वित्तीय वर्ष में अपने खाते में अधिकतम 10 लाख रुपए नकद जमा कर सकते हैं, चाहे आपके पास कितने भी खाते हों। यदि आप इससे अधिक कैश डिपॉजिट करते हैं, तो बैंक को आयकर विभाग को इसकी सूचना देनी होती है। इसके बाद आपको इस आय का स्रोत बताना होगा। संतोषजनक विवरण न देने पर आयकर विभाग द्वारा जांच की जा सकती है और आपसे टैक्स वसूला जा सकता है।
07 जनवरी 2025
राजस्थान राज्य के राशन कार्ड धारकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी!
रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना
राजस्थान में खाद्य विभाग ने रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के लिए सीडिंग अभियान शुरू किया है।
क्या आवश्यक है?
– 17 अंकों की एलपीजी आईडी
– आधार की सीडिंग
– ई-केवाईसी
कैसे मिलेगा लाभ?
– राशन डीलर को गेहूं वितरण से पहले एलपीजी की 17 अंकों की आईडी की सीडिंग करनी होगी।
– रसोई गैस सिलेंडर 450 रुपए में उपलब्ध होगा।
किन्हें मिलेगा लाभ?
– प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
– बीपीएल परिवार
– खाद्य सुरक्षा के चयनित लाभार्थी
महत्वपूर्ण तिथि
– 5 नवंबर से गेहूं वितरण कार्य के साथ अभियान आरंभ होगा।
लाभार्थियों को सलाह
– गेहूं का वितरण 5 नवंबर से ही किया जाएगा।
– आधार नंबर राशन कार्ड में पहले से सीड नहीं है, तो राशन की दुकान पर जाकर अपना आधार नंबर सीड करा कर ई-केवाईसी करानी होगी l
04 अक्टूम्बर 2024
राजस्थान सरकार मे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की पालनहार योजना
20 सितंबर 2024
पशुपालकों को मिलेगा एक लाख तक ब्याज मुक्त ऋण
मुख्यमंत्री गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना शुरू की गई है। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत गोपालक किसान परिवार को एक लाख रुपये तक का अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह ऋण एक वर्ष की अवधि के लिए दिया जाएगा। किसान द्वारा ऋण का समय पर जमा करवाने पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं देना होगा। गोपालक किसान परिवारों को गाय, भैंस के लिए शेड, खेली निर्माण एवं चारा-बांट सहित आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए पैसों की कमी रहती थी, जिससे वह गोपालन से मिल सकने वाला पूरा लाभ नहीं ले पाता था। इसी को ध्यान में रखते हुए गोपालक किसान को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऋण वितरण को पारदर्शी बनाने तथा गोपालक किसान परिवार को ऋण प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए आवेदन से लेकर स्वीकृति की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संपादित किया जाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए गोपालक किसान को प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना अनिवार्य है।
ई-मित्र और संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। जिले के अधिक से अधिक किसानों को इस योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने के लिए दुग्ध संघ एवं केंद्रीय सहकारी बैंकों के संयुक्त तत्वावधान में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा 5 लाख गोपालक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
14 सितंबर 2024
केंद्र सरकार ने टोल कलेक्शन नियमों में बदलाव किया है. अब 20 किमी तक का सफर टोल फ्री रहेगा। नए नियमों के अनुसार तय दूरी का ही टोल देना पड़ेगा। टोल रोड पर 20 किलोमीटर तक कोई शुल्क नहीं लगेगा
इसके साथ ही देश में सैटेलाइट आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम को भी मंजूरी मिली है। केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक टोल कलेक्शन के लिए अब ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS), ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) और ऑन बोर्ड यूनिट्स (OBU) का इस्तेमाल किया जाएगा
अब इन आधुनिक सिस्टम की मदद से ऑटोमेटिक टोल कलेक्शन किया जाएगा
11 सितंबर 2024
राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास निगम जयपुर के निर्देशानुसार पीएम-एजेएवाई योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के परिवारों को स्वरोजगार के लिए बैंको के माध्यम से ऋण व अनुदान उपलब्ध करवाया जायेगा।
आवेदक राजस्थान का मूल निवासी एवं अनुसूचित जाति का सदस्य तथा आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। वहीं 2.50 लाख रुपये तक का वार्षिक आय वाले परिवारों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। आवेदक पूर्व में अनुजा निगम की किसी भी योजना में अनुदान प्राप्त नही किया हो तथा आवेदक पर किसी ऋणदात्री संस्था, अनुजा निगम, बैंक अथवा सरकार का अवधिपार ऋण बकाया नहीं होना चाहिए। आवेदक शहरी क्षेत्र के लिए संचालित योजनाओं के लिए नगरपालिका नगरपरिषद, नगर निगम तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए संबंधित पंचायत समिति से निःशुल्क आवेदन प्राप्त कर पोप (ग्रामीण एवं शहरी), ऑटोरिक्शा, ई रिक्शा योजना, उन्नत नस्ल गाय, भैंस योजना तथा मुद्रा ऋण योजना का लाभ ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए संबन्धित जिला कलेक्ट्रेट के अनुजा निगम कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है।
10 सितंबर 2024
राजस्थान सरकार की महत्वपूर्ण योजनाये
1.समाज में ऐसी महिला जिनकी आयु 55 वर्ष या जन्म तारीख 01/01/1965 है या इससे ज्यादा है और पुरूष जिनकी आयु 58 वर्ष या जन्म तारीख 01/01/1962 या इससे ज्यादा है वो ई मित्र पर जन आधार कार्ड ले जाकर अपना पेंशन आवेदन करावे ताकि उनको राज्य सरकार की तरफ़ से हर माह 1150 पेंशन मिल सके ।
2.जो समाज की महिला विधवा है वो अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और जन आधार कार् ई मित्र पर ले जाकर पेंशन के लिए आवेदन कर सकते है ।
3.जिस किसी के पेंशन आ रही है वो अपने जन आधार कार्ड में अपनी सही आयु दर्ज करावे ताकि उनकी पेंशन में नियमानुसार बढ़ोतरी होती रहे । (75 साल से ऊपर वृद्ध को 1150 रुपये 60 साल से ऊपर विधवा को 1150 रुपये ओर 75 साल से ऊपर विधवा को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे )
4.जो भाई दिव्याङ्ग है चाहे वो किसी भी प्रकार से विकलांग है वो बन्धु ई मित्र पर जाकर अपना दिव्याङ्ग पंजीकरण करावे ताकि उसका दिव्याङ्ग प्रमाण पत्र बन सके और फिर वो भी प्रमाण पत्र बना कर पेंशन के लिए आवेदन कर सकते है ।
5.पेंशन लेने वाली विधवा महिला, नाता जाने वाली माँ के बच्चे और विकलांग महिला पुरुष के बच्चे अगर स्कूल जाते है तो उसके बच्चों को पालने के लिए सरकार 0 से 5 साल तक 1000 रुपये ओर 6 से 18 साल तक के बच्चों को 1500 रुपये हर माह मिलते है। पालनहार योजना
6.किसी भी महिला या पुरुष के नाम से कही पर भी जमीन है तो वो ई मित्र पर बैंक, जन आधार कार्ड और जमीन के दस्तावेज ले जाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आवेदन करवा कर हर साल किस्तो में 6000 +2000 रुपये ले सकता है।
7.किसी भी योग्य राशन कार्ड के धारक को 2 रुपये किलो वाले सरकारी गेंहू नही मिलते है तो वो ई मित्र पर जाकर खाद्य सुरक्षा फॉर्म भरा सकते है जिनके पेंशन आती है उनके जल्दी गेहू शुरू हो जाते है। (विकलांग पेंशन,विधवा, )
8.जिन किसानों के जमीन है वो सोसायटी से अल्पकालीन ऋण आवेदन भी कर सकता है ।
9.मजदूर वर्ग के लोग श्रम हिताधिकारी कार्ड(श्रमिक कार्ड) बनवा कर रखे उनको उसमें हिताधिकारी कार्ड की कई प्रकार की योजनाओं जैसे शुभ शक्ति योजना, छात्रवृति योजना, प्रसूति सहायता और हिताधिकरी कि असामयिक मृत्यु होने पर मृत्युदावा के अलावा बहुत से फायदे ले सकते है है ।
10.विधवा महिला और BPL महिला या पुरुष अपने दो बेटी की शादी के लिए सहयोग योजना के तहत आवेदन करके सरकारी फायदा ले सकते है ।
11.75% से अधिक अच्छे अंक प्राप्त करने वाली बालिका गार्गी पुरुस्कार ओर स्कूटी योजना का फॉर्म भर सकती है ।
12.बच्चों के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र,आधार कार्ड,जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास आय प्रमाण पत्र आदि समय पर बनाते रहे ताकि एन वक्त पर इनके लिए भागना नही पडे।
13.अपने बच्चों के 18 वर्ष पूर्ण होते ही BLO के पास तय दस्तावेज जमा करवा कर मतदान कार्ड बनावे ताकि वो भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके ।
14.गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के नाम मुख्यमंत्री आवास योजना में जुड़वाए ताकि उन्हें फायदा मिल सके।
15.जिस किसी भी व्यक्ति के पास बैंक एटीएम है वो अपने एटीएम से नियमित अंतराल में ट्रांसेक्शन करता रहे ताकि उसमें दुर्घटना बीमा होता है वो दुर्घटना के समय क्लेम करने के लिए जरूरी होता है ।
16.जिनके बैंक में खाता है वो अपने खाते में प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना का फॉर्म भर करके दे और 20 रुपये 436 रुपये ओर 500 रुपये प्रति वर्ष में एक अच्छा दुर्घटना बीमा ले सकते है ।
17.जिनके बेटियां है और उनका जन्म 2010 या उसके बाद में हुआ है वो अपने बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवा कर एक तय राशि हर माह जमा करवा सकते है इसमे 14 वर्ष तक पैसे भर कर 21 वर्ष बाद पैसे मिलेंगे जो लड़की के काम आते है ।
18. कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में R.T.E. योजना में निःशुल्क एडमिशन करा कर योजना का लाभ ले सकते हैं |
09 सितंबर 2024
अपराध का बदला ट्रेंड बंदूक, गोली, तलवार नहीं, मोबाइल को हथियार बना हो रही ठगी
बदलते दौर में अपराध का तरीका भी बदल रहा है। इस तरीके की खास बात यह है कि इसमें बदमाश सुरक्षित खोल में रहता है और शिकार आसानी से फंस जाता है। दरअसल, हथियारों के दम पर डरा, धमकाकर लूट, डकैती करने के ट्रेंड से इतर इन दिनों मोबाइल फोन के जरिए धन उगाही के मामले सामने आ रहे हैं। हाइटेक दौर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद और नई-नई तकनीक के जरिए बदमाश वारदात कर रहे हैं। वे लोगों के खातों से आसानी से रकम उड़ा रहे हैं और पुलिस की पकड़ में भी नहीं आते। लोगों को भी खाते से रुपए निकल जाने पर तब पता लगता है, जब उनके मोबाइल पर खाते से रकम कटने का संदेश आता है। खास बात है कि अन्य क्षेत्रों के माफिया भी खून-खराबा करने की बजाय पर्दे के पीछे रह कर अपराधियों को श्रय दे रहे हैं। यही अपराधी ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं।
बीकानेर के गोगागेट क्षेत्र निवासी एक व्यापारी के पास इंटरनेट कॉल आई। कॉल करने वाले ने बेटे के किसी रेप केस में फंसने की जानकारी दी। मामले को सुलटाने के लिए दस लाख रुपए की डिमांड की। बेटे से संपर्क नहीं होने से वे घबरा गए, लेकिन दो घंटे बाद बेटे से बात हुई, तो जान में जान आई। साथ ही असलियत का पता चला। जयपुर के आदर्श नगर निवासी एक युवक को टेलीग्राम पर वर्क फ्रॉम होम के जरिए कमाई का लालच देकर ठगों ने 4.5 लाख रुपए हड़प लिए। ठगों ने टास्क पूरा करने के बदले कमीशन का झांसा दिया। धीरे-धीरे युवक ठगों की डिमांड पूरी करता रहा और उधर खाते से रुपए निकलते गए।
नेटवर्क तोड़ना बड़ी चुनौती:
साइबर ठगों का नेटवर्क तोड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो लाइक करना या किसी चैनल और ऐप को डाउनलोड करवाकर या सबस्क्राइब कराकर भी ठगी की जा रही है। पहले साइबर अपराध में बिहार, झारखंड, हरियाणा व राजस्थान के कुछ विशेष क्षेत्रों का नाम सामने आता था, लेकिन पिछले एक वर्ष में इसका कनेक्शन विदेश से जुड़ा होना भी सामने आया है।
काम कर रही है पुलिस:
बदमाशों के बदले ट्रेंड पर पुलिस काम कर रही है। साइबर अपराध हो या फिर जमीन के नाम पर धोखाधड़ी, दोनों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीट खोलने के साथ ही जेल भी भेजा जा रहा है। साइबर धोखाधड़ी, वसूली जैसे मामले सामने आते ही पुलिस ने कार्रवाई की है|
08 सितंबर 2024